रुद्रपुर : कांस्टेबल की मौत के बाद भी नहीं सुधरी व्यवस्था, सड़कों पर बेसहारा पशुओं का कब्जा
रुद्रपुर। पंतनगर में लावारिस पशु से टकराने के बाद कांस्टेबल भुवन चंद्र आर्या की मौत के बावजूद शहर में बेसहारा पशुओं की समस्या जस की तस है। सड़क पर घूमते और बैठे पशु अब हादसों के खतरे के साथ ही यातायात व्यवस्था के लिए भी परेशानी बन रहे हैं। व्यस्त मार्गों पर इनके कारण दिन में कई बार यातायात धीमा पड़ने से जाम की स्थिति बन रही है।
सोमवार को मीडिया की पड़ताल में सिडकुल ढाल, किच्छा रोड, काशीपुर रोड, सिडकुल कट और पंतनगर रोड समेत कई स्थानों पर पशु सड़क के बीच या किनारे बैठे और घूमते मिले। अचानक सामने आए पशुओं से बचने के लिए वाहन चालकों को ब्रेक लगाने या लेन बदलने के लिए मजबूर होना पड़ा। पीछे से आ रहे वाहनों की रफ्तार थमने और दोनों ओर से वाहनों के आने पर कई जगह यातायात धीमा हो गया।
कई स्थानों पर वाहन चालक खुद उतरकर पशुओं को सड़क से हटाते नजर आए। व्यस्त मार्गों पर भारी वाहनों की आवाजाही के बीच सड़क पर बैठे पशु परेशानी और बढ़ा रहे हैं। दिन में कई जगह पशुओं के झुंड सड़क किनारे या बीच मार्ग में दिखाई देते हैं।
कूड़े के कारण सड़क तक पहुंच रहे पशु
जहां खुले में खाद्य कचरा मिल रहा है, वहां बेसहारा पशुओं का जमावड़ा भी बढ़ रहा है। बाजार और आबादी वाले इलाकों में सड़क किनारे पड़ा कूड़ा इन्हें आकर्षित करता है। ऐसे में पशुओं को पकड़ने के साथ खुले में कूड़ा डालने पर रोक और बेहतर कूड़ा प्रबंधन भी जरूरी है।
हॉर्न से नहीं, स्थायी व्यवस्था से मिलेगी राहत
वाहन चालक लगातार हॉर्न बजाने के बावजूद कई बार पशुओं को सड़क से नहीं हटा पाते और उन्हें खुद उतरकर किनारे करना पड़ता है। इससे साफ है कि समस्या का समाधान केवल मौके पर पशु हटाने से नहीं होगा। नियमित अभियान चलाकर पशुओं को पकड़ने, निगरानी रखने और सुरक्षित आश्रय की व्यवस्था करने की जरूरत है।
