ऊधमसिंह नगर : ग्रीष्मकालीन धान पर रोक के विरोध में भाजपा विधायक संग किसानों का प्रदर्शन
उधमसिंह नगर में सोमवार को गदरपुर से भाजपा विधायक अरविंद पांडे के साथ जिलेभर से आए किसानों ने रुद्रपुर स्थित कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। विधायक अरविंद पांडे ने कहा कि प्रशासन किसानों को परेशान करना बंद करे। उन्होंने बताया कि इस संबंध में जिलाधिकारी से बातचीत की गई है और जल्द बैठक कर किसानों की समस्याओं का समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि किसानों की फसल को नुकसान न पहुंचाया जाए तथा सरकार पूर्व में रखी गई मांगों पर पुनर्विचार कर शीघ्र निर्णय ले। न्यायालय के आदेशों का भी पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
इसके बाद किसानों ने ग्रीष्मकालीन धान की फसल पर लगाए गए प्रतिबंध को तत्काल हटाने की मांग उठाई। प्रदर्शन के उपरांत एक किसान नेता के नेतृत्व में एडीएम कौस्तुभ मिश्र के माध्यम से मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा गया।
ज्ञापन में किसानों ने आरोप लगाया कि सरकार ने पूर्व में कई बार वार्ता कर आश्वासन दिए थे, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने मांग की कि वर्ग 1 ख और वर्ग 4 समेत वह भूमि, जिस पर किसान वर्षों से काबिज होकर खेती कर रहे हैं, उसे वर्ष 2000 के सर्किल रेट पर नियमित किया जाए।
किसानों ने विकासखंड गदरपुर के डलपुरा क्षेत्र में गूलरभोज बांध निर्माण के समय बदले में दी गई भूमि का मालिकाना हक देने तथा पूर्व की भांति पटवारियों द्वारा कब्जा दर्ज करने की प्रक्रिया दोबारा शुरू करने की मांग की। साथ ही ट्यूबवेल संचालन के लिए उत्तर प्रदेश की तर्ज पर निःशुल्क बिजली व्यवस्था लागू करने की मांग भी की गई।
किसानों का कहना है कि ग्रीष्मकालीन धान पर प्रतिबंध से पहले प्रशासन के साथ हुई बैठकों में सीलनयुक्त भूमि को छूट देने, 25 प्रतिशत नमी वाली मक्का की एमएसपी पर खरीद, साइलेज मक्का की अधिक खरीद और छोटे किसानों को डेयरी स्थापना में सहयोग जैसे आश्वासन दिए गए थे, जिन्हें पूरी तरह लागू नहीं किया गया।
किसानों का आरोप है कि प्रतिबंध के कारण उन्हें अपनी उपज 1500 से 2000 रुपये प्रति क्विंटल के बीच बेचनी पड़ी, जिससे लगभग 600 रुपये प्रति क्विंटल तक का नुकसान हुआ।
किसानों ने यह भी कहा कि जिले में कई स्थानों पर स्टोन क्रेशर संचालित हैं, जहां पानी 24 घंटे बहता रहता है। ऐसे स्थानों पर कार्रवाई होनी चाहिए, न कि खेतों में उपयोग होने वाले उस पानी पर, जिसे भूमि स्वयं अवशोषित कर लेती है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो व्यापक आंदोलन किया जाएगा।
इस दौरान पूर्व विधायक प्रेमानंद महाजन, पूर्व जिला पंचायत सदस्य श्रीनाथ विश्वास, ममता हलदर, जगरूप सिंह, कांग्रेस महानगर अध्यक्ष ममता रानी, संतोष सिंह रंधावा, अमन सिंह ढिल्लों, नरवल सिंह, सविंदर सिंह, सुखविंदर सिंह, बलजीत सिंह, राजेंद्र सिंह, अवतार सिंह, धर्मपाल कंबोज, सज्जाद हुसैन और हरपाल सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
