उधमसिंह नगर : उपचार में लापरवाही साबित, निजी अस्पताल की डॉक्टर का पंजीकरण दो माह के लिए निरस्त
उधमसिंह नगर। उत्तराखंड मेडिकल काउंसिल ने उपचार में लापरवाही के मामले में एक निजी अस्पताल की स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ (गायनेकोलॉजिस्ट) डॉक्टर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए उनके चिकित्सा व्यवसाय पर दो माह के लिए प्रतिबंध लगा दिया है। परिषद ने उनका पंजीकरण तत्काल प्रभाव से दो माह के लिए निरस्त कर दिया है। इस अवधि के दौरान उन्हें किसी भी चिकित्सा संस्थान में चिकित्सकीय सेवाएं देने की अनुमति नहीं होगी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बाजपुर निवासी एक महिला ने 18 अगस्त 2025 को न्यू बेबी हॉस्पिटल के चिकित्सकों के खिलाफ उत्तराखंड मेडिकल काउंसिल में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में उपचार के दौरान लापरवाही बरतने का आरोप लगाया गया था।

मामले की जांच परिषद की नैतिकता, अनुशासनात्मक एवं पंजीकरण समिति द्वारा की गई। जांच के दौरान उपलब्ध अभिलेखों और तथ्यों के परीक्षण के बाद समिति ने डॉ. शाहीन को मरीज के उपचार में लापरवाही एवं उपेक्षा का दोषी पाया।
इसके बाद उत्तराखंड मेडिकल काउंसिल ने आयुर्विज्ञान परिषद (व्यावसायिक आचरण, शिष्टाचार एवं नैतिकता) विनियम-2002 तथा उत्तराखंड आयुर्विज्ञान परिषद अधिनियम-2002 के प्रावधानों के तहत कार्रवाई करते हुए उनका पंजीकरण दो माह के लिए निरस्त करने का आदेश जारी किया।
परिषद ने आदेश के अनुपालन के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी को भी आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. केके अग्रवाल ने संबंधित चिकित्सक एवं संस्थान को परिषद के आदेशों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश जारी किए हैं। साथ ही स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
