उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूरी का निधन, लंबे समय से चल रहे थे बीमार
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भुवनचंद्र खंडूरी का लंबी बीमारी के बाद मंगलवार को निधन हो गया। वह 91 साल के थे। भाजपा के वरिष्ठ नेता खंडूरी का देहरादून के मैक्स अस्पताल में इलाज चल रहा था। उनकी बेटी ऋतु खंडूरी ने निधन की पुष्टि की है। खंडूरी के निधन पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी समेत अनेक बड़े नेताओं ने दुख जताया है।
भुवनचंद्र खंडूरी की बेटी और विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी ने बताया कि वह बहुत दुख के साथ सूचित कर रही हैं कि अभी-अभी हमारे आदरणीय जनरल साहब नहीं रहे। इसी तरह, बेटे मनीष खंडूरी ने भी सोशल मीडिया पर बताया कि उनके पिता अब इस दुनिया में नहीं रहे। वह उनके सबकुछ थे। पिता थे, भगवान थे।
गौरतलब है कि भुवनचंद्र खंडूरी का लंबे समय से देहरादून के मैक्स अस्पताल में इलाज चल रहा था। पिछले महीने ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी उनका कुशलक्षेम जानने अस्पताल आए थे। बताया जा रहा है कि खंडूरी हृदय संबंधी दिक्कतों से जूझ रहे थे। उनके निधन की खबर पाते ही पूरे उत्तराखंड में शोक की लहर दौड़ गई।
भारतीय सेना में लंबी सेवा के बाद भुवन चंद्र खंडूरी मेजर जनरल के पद से रिटायर हुए थे। इसके बाद उन्होंने राजनीति में कदम रखा था। वह पहली बार 2007 में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री बने। मार्च 2007 से जून 2009 तक वह इस पद पर रहे। 2009 लोकसभा चुनाव में भाजपा के खराब प्रदर्शन के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद 2011 वह दोबारा मुख्यमंत्री बने। उन्होंने सितबर 2011 से मार्च 2012 तक इस पद पर कार्य किया। अपने दूसरे कार्यकाल में उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाया था।
