उत्तराखंड: 800 करोड़ रुपये के एलयूसीसी घोटाले में सीबीआई ने दो और आरोपियों को किया गिरफ्तार
उत्तराखंड में चर्चित एलयूसीसी (लोनी अर्बन मल्टी क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट कोऑपरेटिव सोसायटी) घोटाले की जांच कर रही सीबीआई ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सीबीआई ने पंकज और किशन नामक आरोपियों को मुंबई से गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी के अनुसार दोनों आरोपी मुख्य आरोपी समीर और उसकी पत्नी के धन को विभिन्न संपत्तियों की खरीद में निवेश करने में मदद कर रहे थे।
इस मामले में सीबीआई इससे पहले तीन अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। ताजा गिरफ्तारियों के बाद अब तक कुल पांच लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। गिरफ्तार आरोपियों में समीर का साला भी शामिल है। मुख्य आरोपी समीर फिलहाल विदेश में बताया जा रहा है।
सीबीआई के अनुसार मामला करीब 800 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी से जुड़ा है। जांच में यह भी सामने आया है कि निवेशकों की लगभग 400 करोड़ रुपये की राशि वापस की जा चुकी है।
क्या है पूरा मामला ?
एलयूसीसी कंपनी पर उत्तराखंड सहित कई राज्यों के लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी करने का आरोप है। उत्तराखंड पुलिस की विभिन्न एफआईआर की जांच में सामने आया था कि कंपनी ने प्रदेश के लोगों से बड़ी रकम जुटाई थी। ठगी के शिकार लोगों में बड़ी संख्या में दिहाड़ी मजदूर, महिलाएं और गृहणियां शामिल हैं।
कंपनी उत्तराखंड के अलावा उत्तर प्रदेश समेत कई अन्य राज्यों में भी सक्रिय थी, जहां इसी तरह के मामलों की शिकायतें दर्ज हुई थीं। कंपनी का मालिक नवी मुंबई का निवासी बताया जाता है।
एफआईआर दर्ज होने के बाद उत्तराखंड पुलिस मुख्यालय भी मामले की निगरानी कर रहा था। सभी मामलों में धोखाधड़ी के साथ-साथ बैनिंग ऑफ अनरेगुलेटेड डिपॉजिट स्कीम (बड्स एक्ट) के तहत भी कार्रवाई की गई थी। इसी कारण मुकदमों की सुनवाई विशेष बड्स एक्ट अदालतों में की जा रही थी।
मार्च 2025 में ऋषिकेश निवासी एक व्यक्ति ने मामले की सीबीआई जांच की मांग को लेकर हाईकोर्ट में जनहित याचिका (पीआईएल) दायर की थी। इसके बाद एक अन्य पीआईएल भी दाखिल की गई। दोनों याचिकाओं पर सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने 17 सितंबर 2025 को पूरे मामले की जांच सीबीआई को सौंपने के आदेश दिए थे।
