उधमसिंह नगर

उधमसिंह नगर: दरोगा पर महिलाओं से अभद्रता का आरोप, चौकी घेरकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन

उधमसिंह नगर में दो पक्षों के बीच विवाद के निस्तारण को लेकर बुलाई गई पंचायत उस समय विवादों में घिर गई, जब मौके पर पहुंचे एक दरोगा पर महिलाओं, ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों से अभद्र व्यवहार करने का आरोप लग गया। इससे नाराज ग्रामीणों ने पुलिस चौकी के बाहर धरना-प्रदर्शन कर संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। बाद में पुलिस अधिकारियों के हस्तक्षेप और दोनों पक्षों के बीच समझौते के बाद मामला शांत हो गया।

जानकारी के अनुसार मंगलवार देर रात शक्तिफार्म के देवनगर गांव में ग्रामीणों ने एक महिला और युवक को कथित रूप से आपत्तिजनक स्थिति में पकड़ लिया था। इसके बाद मामले के निस्तारण के लिए गांव में पंचायत बुलाई गई। पंचायत के दौरान गांव की एक महिला और महिला समिति की अध्यक्ष के बीच कहासुनी हो गई, जो बाद में विवाद में बदल गई। आरोप है कि इस दौरान महिला समिति की अध्यक्ष के साथ मारपीट भी की गई।

घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। ग्रामीणों का आरोप है कि मामले की जानकारी लेने पहुंचे दरोगा ने महिलाओं, ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों से अभद्र भाषा का प्रयोग किया तथा उन्हें धमकाने का प्रयास किया। पुलिसकर्मी के इस व्यवहार से लोगों में भारी नाराजगी फैल गई।

बुधवार सुबह बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष और जनप्रतिनिधि शक्तिफार्म पुलिस चौकी पहुंच गए। उन्होंने चौकी के मुख्य द्वार पर धरना देते हुए नारेबाजी शुरू कर दी और संबंधित दरोगा के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि पुलिस का दायित्व विवादों का निष्पक्ष और शांतिपूर्ण समाधान कराना है, लेकिन संबंधित दरोगा के व्यवहार से लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं। ग्रामीणों ने पंचायत के दौरान महिला समिति की अध्यक्ष से दुर्व्यवहार करने वाली महिला को चौकी बुलाकर सार्वजनिक रूप से माफी मंगवाने की मांग भी की।

मामले की गंभीरता को देखते हुए कोतवाल सुंदरम शर्मा मौके पर पहुंचे और प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों तथा जनप्रतिनिधियों से बातचीत की। उन्होंने पूरे मामले की जानकारी ली और दरोगा के व्यवहार को लेकर खेद व्यक्त करते हुए लोगों को शांत कराया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच वार्ता कराई गई।

बाद में संबंधित महिला भी पुलिस चौकी पहुंची, जहां दोनों पक्षों के बीच समझौता कराया गया। भविष्य में किसी प्रकार का विवाद न करने को लेकर लिखित समझौता तैयार किया गया, जिस पर दोनों पक्षों ने हस्ताक्षर किए। समझौते के बाद ग्रामीणों ने अपना धरना समाप्त कर दिया और मामला शांतिपूर्ण ढंग से निपट गया। पुलिस का कहना है कि क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए हैं।

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