उत्तराखंड: मतदाता सूची में हैरान करने वाली गड़बड़ियां, दो लाख के माता-पिता नाबालिग, 92 हजार के दादा जवान
देहरादून। उत्तराखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के पहले चरण में 19.04 लाख विसंगतियां सामने आई हैं। जांच के दौरान ऐसे कई चौंकाने वाले मामले मिले हैं, जिनमें करीब दो लाख मतदाताओं के माता-पिता की आयु उनसे महज 15 वर्ष या उससे कम अधिक दर्ज है, जबकि 92,114 मतदाताओं के दादा-दादी या नाना-नानी की उम्र का अंतर 40 वर्ष से भी कम पाया गया।
ऊधम सिंह नगर जिले की रुद्रपुर विधानसभा में सबसे अधिक 89 प्रतिशत रिकॉर्ड में विसंगतियां मिली हैं। यहां 42,808 मतदाताओं का सत्यापन नहीं हो सका, जिससे यह विधानसभा राज्य में सबसे अधिक गड़बड़ियों वाली सीट बनकर सामने आई है।
जांच में 1,99,121 ऐसे मतदाता चिह्नित हुए हैं जिनकी उम्र और उनके माता-पिता की उम्र के बीच 15 वर्ष या उससे कम का अंतर है। वहीं 1,09,547 मतदाता ऐसे भी मिले हैं, जिनकी उम्र और उनके माता-पिता की उम्र के बीच 50 वर्ष से अधिक का अंतर दर्ज है। ऊधम सिंह नगर जिले में ऐसे 38,818 मामले सामने आए हैं।
इसके अलावा 92,114 मतदाताओं के रिकॉर्ड में दादा-दादी या नाना-नानी की उम्र का अंतर 40 वर्ष से कम पाया गया। अकेले ऊधम सिंह नगर में ऐसे 21,036 मतदाता चिन्हित किए गए हैं।
एसआईआर के दौरान अन्य कई विसंगतियां भी सामने आई हैं। इनमें 2,39,566 ऐसे मामले शामिल हैं, जिनमें परिवार के दो बच्चों के जन्म के बीच नौ महीने से कम का अंतर दर्ज है।
वहीं कई परिवारों में एक ही मुखिया के नाम पर छह या उससे अधिक मतदाता पंजीकृत मिले। इसके अलावा बड़ी संख्या में मतदाताओं और उनके रिश्तेदारों के नाम, वर्तनी और पहचान संबंधी त्रुटियां भी सामने आई हैं।
चुनाव आयोग के अनुसार, विशेष गहन पुनरीक्षण का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक और त्रुटिरहित बनाना है। पहले चरण में सामने आई इन विसंगतियों का सत्यापन कर आवश्यक सुधार की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
