उधमसिंह नगर : विदेशी कॉल नेटवर्क के तार मुरादाबाद से मुंबई तक जुड़े होने की आशंका, महाराष्ट्र और राजस्थान तक एसटीएफ की जांच
उधमसिंह नगर में पकड़े गए विदेशी कॉल नेटवर्क की जांच का दायरा अब अंतरराज्यीय हो गया है। एसटीएफ को इस नेटवर्क के तार मुरादाबाद से लेकर मुंबई तक जुड़े होने की आशंका है। जांच एजेंसी महाराष्ट्र और राजस्थान में भी इसके संपर्कों को खंगाल रही है। एक माह पहले बाजपुर में पकड़े गए सिम बॉक्स मामले से भी इस नेटवर्क के कनेक्शन की जांच की जा रही है।
पुलिस अधीक्षक अजय सिंह के अनुसार, जांच में मुरादाबाद निवासी आमिर की भूमिका सामने आई है। हालांकि, आमिर मुरादाबाद में स्थायी रूप से नहीं रहता है। एसटीएफ उसके वास्तविक ठिकाने और संपर्क में रहने वाले लोगों की जानकारी जुटा रही है।
जांच में पता चला है कि काशीपुर में आरोपी नईमुद्दीन के नाम पर एक फर्म बनाई गई थी। इसके लिए किराए पर जगह लेकर दूरसंचार कनेक्शन हासिल किए गए थे। नईमुद्दीन निवासी मनकुआ मकसूदपुर, मुरादाबाद को इस पूरे नेटवर्क की जानकारी नहीं थी। उसे अधिक मुनाफे का लालच देकर उसके नाम पर कंपनी बनवाई गई थी।
एसटीएफ का मानना है कि नईमुद्दीन को केवल मोहरे के तौर पर इस्तेमाल किया गया। पुलिस अधीक्षक के मुताबिक, नेटवर्क का तकनीकी सेटअप तैयार करने और विदेशी कॉल का संचालन करने में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका है। अब एसटीएफ उस व्यक्ति की तलाश में जुटी है, जिसने पूरा तकनीकी ढांचा तैयार कर नेटवर्क संचालित किया।
बताया गया कि नईमुद्दीन पहले मेडिकल स्टोर खोलना चाहता था। इसी दौरान उसे अधिक मुनाफे का लालच देकर उसके नाम पर किरायानामा कराया गया और दूरसंचार कनेक्शन भी लिए गए। जांच एजेंसी का मानना है कि वह इस गोरखधंधे से अनजान था।
पुलिस अधीक्षक के अनुसार, नेटवर्क से जुड़े लोगों की महाराष्ट्र और राजस्थान में आवाजाही की जानकारी मिली है। हालांकि, इन राज्यों में नेटवर्क की सक्रिय कड़ियों की अभी पुष्टि नहीं हुई है। गौरतलब है कि करीब एक माह पहले बाजपुर में पकड़े गए सिम बॉक्स मामले में भी मुरादाबाद के लोगों के तार जुड़े मिले थे। एसटीएफ अब दोनों मामलों के बीच संभावित संबंधों की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि मुख्य सूत्रधार की गिरफ्तारी के बाद ही पूरे नेटवर्क की असल तस्वीर सामने आ सकेगी।
