उधमसिंह नगर

रुद्रपुर : जय गुरुदेव इंडस्ट्रीज में बड़ी छापेमारी, दिल्ली कोर्ट के आदेश पर कई मशीनें जब्त

उधमसिंह नगर जिले के रुद्रपुर स्थित एक औद्योगिक प्रतिष्ठान पर ट्रेडमार्क और कॉपीराइट उल्लंघन के आरोपों के बीच बड़ी कानूनी कार्रवाई की गई। प्रसिद्ध कृषि उपकरण निर्माता तीर्थ एग्रो टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड के चर्चित ब्रांड ‘शक्तिमान’ के लोगो, कलर कॉम्बिनेशन, ट्रेड ड्रेस और रजिस्टर्ड ट्रेडमार्क की कथित नकल कर मशीनों की बिक्री किए जाने के आरोप में जय गुरुदेव इंडस्ट्रीज के परिसर पर छापेमारी की गई। कार्रवाई के दौरान कथित रूप से विवादित ब्रांडिंग वाली कई मशीनों को जब्त कर सील कर दिया गया।

शिकायत के अनुसार, जय गुरुदेव इंडस्ट्रीज ‘शक्तियुग’ नाम से ऐसी कृषि मशीनों का निर्माण और विपणन कर रही थी, जिनकी ब्रांडिंग, लोगो, रंगों का संयोजन तथा नाम लिखने की शैली प्रसिद्ध ‘शक्तिमान’ ब्रांड से काफी हद तक मिलती-जुलती बताई गई। शिकायत में कहा गया कि इस समानता से ग्राहकों के भ्रमित होने की आशंका थी, जिससे मूल ब्रांड की व्यावसायिक पहचान और प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंच सकता था।

बताया गया कि यह कार्रवाई तीर्थ एग्रो टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड की लीगल एडवाइज़र फर्म के अधिवक्ताओं द्वारा लगातार मिल रही शिकायतों के आधार पर शुरू की गई कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है।

मामले को गंभीर मानते हुए कंपनी ने दिल्ली के वाणिज्यिक न्यायालय में वाद दायर किया। सुनवाई के बाद न्यायालय द्वारा नियुक्त लोकल कमिश्नर ने 6 अगस्त 2026 को स्थानीय पुलिस की सहायता से रुद्रपुर स्थित फैक्ट्री में छापेमारी की। इस दौरान पुलिस अधिकारियों के साथ कई अधिवक्ता भी मौजूद रहे।

निरीक्षण के दौरान फैक्ट्री परिसर से बड़ी संख्या में ऐसी मशीनें मिलने का दावा किया गया, जिन पर कथित रूप से विवादित ब्रांडिंग अंकित थी। न्यायालय के आदेश के तहत लोकल कमिश्नर ने कई मशीनों को मौके पर ही जब्त कर सील कर दिया।

प्रारंभिक जांच में आरोप लगाया गया कि संबंधित कंपनी द्वारा रजिस्टर्ड ट्रेडमार्क, कॉपीराइट और ट्रेड ड्रेस का कथित उल्लंघन करते हुए मशीनों का निर्माण और विक्रय किया जा रहा था। मामले से जुड़े पक्ष का कहना है कि न्यायालय के आदेश के बाद अब ‘शक्तियुग’ नाम अथवा उससे मिलती-जुलती ब्रांडिंग, लोगो या ट्रेड ड्रेस का उपयोग कर मशीनों का निर्माण, बिक्री, भंडारण, विपणन या प्रचार-प्रसार न्यायालय के आदेश का उल्लंघन माना जा सकता है। ऐसे मामलों में संबंधित व्यक्ति या संस्था के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

यह मामला बौद्धिक संपदा अधिकारों (Intellectual Property Rights) और रजिस्टर्ड ट्रेडमार्क की सुरक्षा के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, मामले में लगाए गए आरोपों पर अंतिम निर्णय न्यायालय में विचाराधीन कानूनी प्रक्रिया और आगामी सुनवाई के बाद ही स्पष्ट होगा। फिलहाल न्यायालय के निर्देशानुसार आगे की कार्रवाई जारी है।

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