ऊधमसिंह नगर: इंस्टाग्राम पर फर्जी पहचान से दोस्ती, फिर घर से बाहर बुलाकर शोषण; हर माह आ रहे ऐसे मामले
सोशल मीडिया पर दोस्ती, फिर प्रेमजाल और इसके बाद नाबालिगों के शोषण के मामले ऊधमसिंहनगर में चिंता बढ़ा रहे हैं। बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के अनुसार, ऐसे चार से पांच मामले हर माह उसके सामने पहुंच रहे हैं। कुछ मामलों में नाबालिगों को दूसरे शहरों या राज्यों में ले जाने, दुष्कर्म, वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने और दबाव बनाने के आरोप सामने आए हैं।
सीडब्ल्यूसी के अनुसार कुछ मामलों में सोशल मीडिया पर फर्जी पहचान या दूसरे नाम से नाबालिगों से संपर्क किया गया। दोस्ती के बाद उन्हें मिलने के बहाने घर से बाहर बुलाया गया और फिर अपने साथ ले जाने के आरोप हैं। कुछ मामलों में अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने की बात भी सामने आई है।
सीडब्ल्यूसी के सामने पहुंच रहे मामलों में सोशल मीडिया के जरिये नाबालिगों से संपर्क, बहला-फुसलाकर बाहर ले जाने और बाद में शोषण के आरोप सामने आ रहे हैं। समिति का कहना है कि अभिभावकों को बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखने के साथ उन्हें अनजान लोगों से सोशल मीडिया पर संपर्क के जोखिम के बारे में भी जागरूक करना चाहिए।
केस-1 : केरल ले जाकर शादी और दुष्कर्म
रुद्रपुर की 14 वर्षीय नाबालिग को इस वर्ष एक युवक पर प्रेमजाल में फंसाकर केरल ले जाने का आरोप लगा। वहां युवक ने उससे शादी की और दुष्कर्म किया। पुलिस ने लोकेशन ट्रेस कर नाबालिग को बरामद किया।
केस-2 : वीडियो बनाया, फिर आठ युवकों पर दुष्कर्म का आरोप
गदरपुर की 15 वर्षीय किशोरी को एक युवक ने उसकी सहेली के माध्यम से संपर्क में लिया। आरोप है कि उसे बहाने से कमरे में बुलाकर दुष्कर्म किया गया और वीडियो बना लिया गया। बाद में वीडियो के जरिये ब्लैकमेल कर अलग-अलग स्थानों पर बुलाया गया, जहां आठ अन्य युवकों पर उसके साथ दुष्कर्म करने का आरोप है। सीडब्ल्यूसी के अनुसार किशोरी को उसके पिता तलाश कर वापस लाए।
केस-3 : दूसरे नाम से बनाई आईडी, चंडीगढ़ ले जाया गया
मार्च में गदरपुर की 15 वर्षीय किशोरी से एक युवक ने दूसरे नाम से बनाई गई सोशल मीडिया आईडी के जरिये दोस्ती की। आरोप है कि इसके बाद वह किशोरी को चंडीगढ़ ले गया जहां उसके साथ दुष्कर्म किया गया। पुलिस ने किशोरी को बरामद कर आरोपी युवक को गिरफ्तार किया।
सीडब्ल्यूसी के अध्यक्ष डॉ. रत्नेश सिंह ने बताया कि सीडब्ल्यूसी के पास ऐसे चार से पांच मामले हर माह पहुंच रहे हैं। अभिभावकों से अपील है कि वे बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखें और उन्हें सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से संपर्क के खतरों के बारे में जागरूक करें।
